NEW BHARAT BOND ETF
भारत बांड इ टी फ का दूसरा भाग आज से खुल रहा है जो की एडेलवीस म्यूच्यूअल फण्ड के द्वारा संचालित है विदित हो पहला भाग दिसंबर 2019 में था तब मार्किट इसको हाथो हाथ लिया गया था और उस समय ये 1.7 गुना भरा था| भारत बांड आज यानी 14 जुलाई को खुलेगा और 17 जुलाई तक जारी रहेगा तो आईये देखते है की भारत बांड के दूसरे भाग में क्या खास बात है और किस तरह के निवेशक इसमें निवेश कर सकते है
- भारत बांड दो तरह के 5 साल और 7 साल के निवेश अवधि के साथ खुला है तो इस तरह से यह छोटी अवधि और लम्बी अवधि दोनों तरह के निवेशको के लिए ठीक है
- भारत बांड इ टी फ केवल सरकारी कंपनियों जो AAA रेटिंग रखती है उनमे ही निवेश करेगा इसलिए यह सुरक्षित विकल्प है
- यह इ टी फ निफ़्टी भारत बांड इंडेक्स अप्रैल २०२५ को ट्रैक करेगा या निफ़्टी भारत बांड इंडेक्स अप्रैल 2031 को ट्रैक करेगा जिसका शुरुआती यील्ड क्रमशः 5.6 और 6.75 है
- भारत बांड इ टी फ-अप्रैल 2025 मुख्यतः पी फ स ी आर इ सी पॉवरग्रिड कारपोरेशन आई ओ सी एन टी पीसी आई आर अफ सी जैसी सरकारी कंपनी में और भारत बांड अप्रैल 2031 मुख्यतः पी फ स ी आर इ सी पॉवरग्रिड कारपोरेशन आई ओ सी एन टी पीसी आई आर अफ सी और जैसी सरकारी कंपनी के बांड निवेश करेगा
- भारत बांड फण्ड को मैनेज करने का खर्चा बहुत कम है जैसे की 200000 का निवेश बस 1 रूपये के खर्चे पर मैनेज होगा| यह फण्ड 10000 हजार करोड़ रुपया००.0005 % खर्चे पे मैनेज करेगा
- भारत बांड इ टी फ को डेब्ट फण्ड की तरह माना जायेगा और इसके ब्याज पर डेब्ट फण्ड की तरह ही टैक्स लगेगा जो की इंडेक्सशन के भाड़ 20% है
- जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है की यह इ टी फ है तो इसमें निवेश में समय सीमा का कोई बंधन नहीं है तो आप जब चाहे इसे सेल कर सकते है
- अगर किसी के पास डी मेट खाता नहीं है तो भी वह भारत बांड के फण्ड के फण्ड में निवेश कर सकता है जिसमें कम से कम 1000 का निवेश किया जा सकता है
- भारत बांड फण्ड के एन ऍफ़ वो समय पर छोटे और खुदरा निवेशक कम से कम 1000 का और ज्यादा से ज्यादा 200000 तक का निवेश कर सकते है
- पहले से मौजूद भारत बांड इ टी फ अप्रैल 2023 और अप्रैल 2030 का रिटर्न क्रमसः 7.49 और 9.15 रहा है
अगर कोई निवेशक कम से कम जोखिम में ज्यादा पैसा कमाना चाहता है और जिसका निवेश तय अवधि तक है उसको इसमें सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा| जैसा की जानते है की यह केवल भारत सरकार के कंपनी के बांड में निवेश करेगा तो इसमें डिफाल्ट की कोई जोखिम नहीं है इसलिए कोई भी निवेशक जो फिक्स्ड डिपाजिट पैसा लगाना पसंद करता है वो इसके लिए एक सुरक्षित विकल्प रूप में है क्योकि फिक्स्ड डिपॉजिट्स में व्याज तो बहुत कम हो गया है
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