Redemption of Mutual Funds

 जब मार्च २०२० में पूरे संसार में कोरोना की वजह से हाहाकार था ठीक उसी समय पूरी दुनिआ के शेयर बाजार अपने ५ साल के न्यूतम स्तर पे पहुंच गए तो जाहिर सी बात है की भारतीय बाज़ार भी अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए थे लोगो की नौकरिया चली गयी तो इस बार भारतीय बाजारों में अलग ही ट्रेंड देखने को मिला पहला तो ये की लोगो ने अपने म्यूच्यूअल फण्ड से लोगो ने पैसे निकाले और मार्च २०२० में ५० लाख नए डीमैट अकाउंट खुले और सभी लोग नए इन्वेस्टर थे तो इस तरह यह कह पाना मुश्किल है की लोगो ने अपने म्यूच्यूअल फण्ड के पैसे क्यों निकले फिर भी आईये देखते है की आखिर इतने बड़े पैमाने पे पैसे निकलने की क्या वजह थी 

  • कोरोना की वजह से भारत सरकार ने लोखड़ौन की वजह से लोगो की नौकरी चली गयी और इनकम के आभाव में अपनी निवेश को निकल कर लोगो को अपना घर चलना पड़ा 
  • अचानक  से बाजार में तेज  बिकवाली की वजह से सबके निवेश की राशि घटती गया जिसके कारन  लोगो में खलबली  मच गयी 
  • आजकल सोशल मीडिया की वजह से अफवाहे बहुत  तेजी से फैलस्ति है इस वजह से भी लोग अपने निवेश को निकलने लगे 
  • पिछले ५ साल से ज्यादा फण्ड अच्छा नहीं कर प् रहे थे और कोरोना की वजह से और उनका प्रदर्शन गिरा जिससे लोग दूसरा अल्टेरनाते ढूढ़ने लगे 
  • लोखड़ौन की वजह से सभी लोग घर पे बैत गए और उन्होंने डीमैट अकाउंट ओपन करके सीधे इक्विटी में ट्रेड करने लगे 
  • म्यूच्यूअल फण्ड के गिरते प्रदर्शन भी इसकी एक वजह जरुरी है 
  • एक डेब्ट स्कीम का दिवालिया होना या कई सारे बैंक के लोन डिफ़ॉल्ट भी एक वजह है 
  • बाजार में मची खलबली लोगो को और डरा दिया 
  • और जब उनको अपना निवेश बढ़ाना तब लोगो ने अपने म्यूच्यूअल फण्ड का निवेश रोक दिया 
  • हद तो तब हो गई जब काफी लोगो इक्विटी फण्ड को छोड़कर डेब्ट फण्ड में पैसा डालने लगे 

हमेशा बाजार में गिरावट  के समय निवेश को बढ़ाना चाहिए और यदि सब कुछ अच्छा चल रहा है तो ऐसे मार्किट में अपनी इन्वेस्टमेंट रोके देनी चाहिए या एअसे कम कर देना चाहिए|अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेशित है और उसका निवेश का समय कम से कम तीन साल का है तो उसे निवेशित रहना चाहिए क्योकि ये फण्ड फिक्स्ड डिपाजिट से ज्यादा कमाई कर के देंगे   

भाव भगवन है और समय बलवान है 



टिप्पणियाँ